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यूरोप के सेब – उच्च गुणवत्ता वाले सेब

औद्योगिक क्षेत्र

 

इयू में सेब के मुख्य उत्पादक पोलैंड, इटली और फ्रांस हैं और इन में से पोलैंड को ही यूरोपीय संघ में फलोद्यानों का क्षेत्र सब से बड़ा होने तथा ईर्ष्या के योग्य निर्यात के ऊँचे परिणामों के कारण “यूरोप का सब से बड़ा फलौद्यान” का नाम दिया गया है. सं. 2025 में वहां के सेब फलोद्यानों के उत्पादन की मात्रा लगभग 38 लाख टोन थी और 2024 की तुलना में 12.9% बड़ी थी.[1]

इतने बड़े उत्पादन के कारण पोलैंड इयू में निस्संदेह सेब के निर्यात की रानी है. दूसरे स्थान पर इटली है और तीसरे पर फ्रांस. [2]

[1]https://stat.gov.pl/obszary-tematyczne/rolnictwo-lesnictwo/uprawy-rolne-i-ogrodnicze/wynikowy-szacunek-glownych-ziemioplodow-rolnych-i-ogrodniczych-w-2025-r-,5,24.html

[2]https://circabc.europa.eu/ui/group/a6df5bd5-efdf-40cc-a42d-8292eedd0201/library/f805b268-4637-4370-8ba8-66a199735cda/details?open=true

 

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बहुत सालों के लिए यूरोपीय संघ से सेबों का मुख्य आयातकरता रूस था. अफ़सोस की बात, 2014 में रूस से लगाए यूरोपीय फलों पर व्यापार प्रतिबन्ध के कारण हमें नए व्यापार क्षेत्र ढूंढने की ज़रूरत थी. क्योंकि रूसी ग्राहक की आवश्यकताओं पर केंद्रित उत्पादन का बड़ा भाग हटाया गया, उत्तरी अफ्रीका और मध्य एशिया के देश इस क्षेत्र में बहुत अच्छे साझेदार पड़े. पोलैंड जो सेब का मुख्य उत्पादक है और बाकी दो निर्यातक देशों में इस क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं. अफ़सोस की बात ये संभावनाएं मौसम पर निर्भर हैं जिस को कोई नहीं प्रभावित कर सकता है. वसंत के दौरान ठण्ड, सूखा, मूसलधार बारिश या ओला ये हैं मुख्य कारक जिन पर फसल की मात्रा और गुणवत्ता निर्भर हैं. पोलैंड में परिस्थितियाँ शीतोष्ण जलवायु की अस्थिरता के कारण बहुत कठिन हैं जो सीजन में फसल की मात्रा का पूर्वानुमान करना मुश्किल बनाती हैं. फिर भी पिछले 8 सालों में सब से ख़राब सं 2017 में पोलैंड में उत्पादन 24 लाख टन तक पहुँच गया और सब से अच्छे सं 2022 में 44.95 लाख टन तक[1]. यूरोप के 1/3 फलोद्यानों का क्षेत्र पोलैंड यानी “यूरोप के सब से बड़े फलौद्यान” में है.

 

 भारत और वियतनाम सब से बड़ी संभावनाएँ देनेवाले सेब बाज़ारों में से हैं. डी जी अग्री (कृषि विभाग) के डेटा के अनुसार भारत और वियतनाम बहुत सालों से दुनिया के TOP5 सेब आयातकर्ताओं में हैं. भारत दुनिया में दूसरा (चीन के बाद) सेब आयातकर्ता देश है [2].  वियतनाम की सेब निर्यात की सब से ऊँची 40.4% वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है (2025 में)[3].

[1]https://circabc.europa.eu/ui/group/a6df5bd5-efdf-40cc-a42d-8292eedd0201/library/f805b268-4637-4370-8ba8-66a199735cda/details?open=true

[2]https://circabc.europa.eu/ui/group/a6df5bd5-efdf-40cc-a42d-8292eedd0201/library/f805b268-4637-4370-8ba8-66a199735cda/details?open=true

[3]https://circabc.europa.eu/ui/group/a6df5bd5-efdf-40cc-a42d-8292eedd0201/library/f805b268-4637-4370-8ba8-66a199735cda/details?open=true