सेबों का परिवहन सुरक्षित और सफल ढंग से कैसे करना?
ताज़े फलों खास तौर पर सेबों के सुप्रचालन के लिए न सिर्फ यथार्थता बल्कि उन्नत तकनीक का उपयोग करना भी ज़रूरी है. हर साल यूरोपीय संघ के सेब उत्पादक न सिर्फ घरेलु बाज़ार में बल्कि बहुत दूर स्थित प्रदेशों के लिए जैसे मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया लाखों टन फसल पहुंचाते हैं जिससे दुनिया भर के उपभोक्ताओं की माँगें पूरी की जाती हैं.
इतनी लम्बी यात्रा के दौरान फलों की ताज़गी रखने के लिए वितरण के सख्त मानक आवश्यक हैं. इन का मुख्य लक्ष्य खाद्य सुरक्षा तथा उत्पाद की ताज़गी रखना है.
फलों के सुप्रचालन में बहुत महत्त्वपूर्ण मापदंड हैं पर सेबों के मामले में मुख्य मापदंड कठोरता है. जो फल ज़्यादा कठोर है वितरण तथा भण्डारण के अधिक लम्बे समय से सम्बंधित समस्याओं को बेहतर ढंग से सहन कर सकता है. उदहारण के लिए गाला सेब (जो एशियाई बाजार में लोकप्रिय है) की पेनेट्रोमीटर के द्वारा मापित कठोरता 9 या 8 पॉइंट है. क्योंकि फलों का वितरण ठीक ढंग से किया जाता है अंतिम उपभोक्ता को ऐसा फल मिलता है जिसकी कठोरता में क्षति बहुत छोटी है – सिर्फ एक पॉइंट पूरे महीने में. उपभोक्ताओं तक पहुँचते हुए हर किस्म के सेबों की पेनेट्रोमीटर के द्वारा मापित कठोरता 6 पॉइंट से कम नहीं हो सकती है.
उचित पैकेज बुनियादी है
सेब आम तौर पर गत्ता से बने डिब्बों में (बुशल) पैक किये जाते हैं जिन की भण्डारण क्षमता 13 किलोग्राम से 18 किलोग्राम तक है. अंदर में कुछ विशेष थैलियाँ डाली जाती हैं जिन से एथिलीन निकलता है – एक गैस जो फल पकने का समय देर करता है जिससे ये वितरण के दौरान अधिक लम्बे समय के लिए दृढ़ और ताज़े रहते हैं.
रेफ्रिजरेटेड ट्रक – ताज़गी के मोबाइल भण्डार कक्ष
कार परिवहन रेफ्रिजरेटेड ट्रकों की मदद से किया जाता है जिन की भण्डारण क्षमता लगभग 20 टन है. आवश्यकता के अनुसार अलग अलग सेमी-ट्रेलरों का उपयोग किया जाता है जैसे सामान्य सेमी-ट्रेलर, डबल डेक सेमी-ट्रेलर आदि. मुख्य बात तापमान का स्थायी निरीक्षण है – सेबों के लिए सब से उचित तापमान लगभग 2-2,5°C है. तापमान इससे अधिक या कम हो तो फलों की गुणवत्ता पर बहुत प्रभाव डाल सकता है.
लम्बी दुरी पहुँचने में माहिर
जैसे शुरुआत में कहा गया था यूरोपीय सेब दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत और वियतनाम के उपभोक्ताओं तक पहुँचते हैं. फलों की इतनी बड़ी मात्रा समुद्री भाड़ा की मदद से हज़ारों किलोमीटर दूर की यात्रा कर सकती है. सेबों का वितरण आम तौर पर लगभग 40-50 दिन लगता है और यह लदान बंदरगाह, मंज़िल एवं मार्ग पर निर्भर है. REEFER खास प्रशीतित डिब्बों के उपयोग के कारण जिन की मदद से माल का वितरण नियंत्रित तापमान में किया जा सकता है सेब अपनी ताज़गी और गुणवत्ता रखकर 55 दिन तक रह सकते हैं. प्रशीतित डिब्बों में उपयोग किये उन्नत तकनीको की मदद से आतंरिक तापमान की निगरानी तथा नियंत्रण ठीक से किये जा सकते हैं जो ताज़े उत्पादों के वितरण के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है.
नियंत्रित तापमान के आलावा ये डिब्बे उत्पादों को नमी से सुरक्षित करते हैं जो पहुंचाए उत्पादों की गुणवत्ता पर प्रभाव भी डालता है. अधिक ऊँची या छोटी नमी सड़ने या सूखा जाने की प्रक्रिया अधिक जल्दी कर सकती है जिससे उत्पाद की गुणवत्ता एवं आकर्षण प्रभावित किये जाते हैं. जलरोधक नमी नियंत्रण प्रणाली के साथ समुद्री कंटेनर अनुचित नमी से सम्बंधित जोखिम कम करते हैं. इस के अतिरिक्त समुद्री कंटेनर बाहरी कारकों जैसे धूल, प्रदुषण, कीटों या सूक्ष्मजीवों से अच्छी तरह से बचाते हैं.
सेबों का वितरण – चुनौतियाँ तथा संभावनाएँ
उपभोक्ताओं की बढ़ती हुई खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता से सम्बंधित आवश्यकताओं के कारण उन का सुप्रचालन अधिक महत्त्वपूर्ण बन जाता है. यह स्पष्ट है कि नवीन तकनीक, जानकारी एवं विशेषज्ञों के अनुभव का प्रयोग करके पोलिश सेब बहुत अच्छी दशा में दुनिया के लगभग हर कोने में पहुँचाए जा सकते हैं.
उद्यान कृषि एवं परिवहन उद्योग में लागू उच्च मानकों के कारण यूरोपीय सेब हज़ारों किलोमीटर की यात्रा करके उच्च गुणवत्ता रखते हैं और ताज़े रहते हैं.